50 की दहलीज पार करते ही क्यों जरूरी हैं विटामिन D और B12? बुढ़ापे की बीमारियों को दूर रखने के लिए अपनाएं ये डाइट चार्ट

नई दिल्ली: उम्र का 50वां पड़ाव पार करते ही मानव शरीर की मशीनरी में बड़े बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। इस उम्र के बाद हमारा शरीर भोजन से पोषक तत्वों को पहले की तरह कुशलता से अवशोषित (Absorb) नहीं कर पाता। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उम्र में ऊर्जा की कमी, हड्डियों का खोखलापन और भूलने की बीमारी का सबसे बड़ा कारण विटामिन की कमी है। यदि समय रहते विटामिन D और B12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों पर ध्यान न दिया जाए, तो वृद्धावस्था कष्टकारी हो सकती है। आइए जानते हैं 50 के बाद किन विटामिन्स की ‘कमांड’ आपके शरीर को चाहिए।


1. विटामिन D: हड्डियों का सुरक्षा कवच

‘नोरिज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, विटामिन D को ‘सनशाइन विटामिन’ कहा जाता है, लेकिन बुजुर्गों में धूप से इसे बनाने की क्षमता घट जाती है।

  • क्यों है जरूरी: इसका मुख्य काम शरीर में कैल्शियम को सोखना है। इसकी कमी से हड्डियां कांच की तरह कमजोर हो जाती हैं, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं। पर्याप्त विटामिन D बुढ़ापे में गिरने और फ्रैक्चर होने के जोखिम को कम करता है।

  • स्रोत: सुबह की गुनगुनी धूप, फैटी फिश, अंडे की जर्दी और फोर्टिफाइड दूध।

2. विटामिन B12: दिमाग और खून के लिए संजीवनी

50 वर्ष के बाद पेट में एसिड का स्तर कम होने से शरीर भोजन से B12 नहीं निकाल पाता।

  • क्यों है जरूरी: यह मस्तिष्क (Brain) के सुचारू संचालन और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण के लिए अनिवार्य है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झुनझुनी, अत्यधिक थकान, कमजोरी और याददाश्त धुंधली होने लगती है।

  • स्रोत: दूध, दही, पनीर, मांस और मछली। शाकाहारियों को अक्सर इसके सप्लीमेंट्स की जरूरत पड़ती है।

3. कैल्शियम: मजबूत ढांचे की नींव

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व (Bone Density) कम होने लगता है, विशेषकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में यह समस्या गंभीर हो जाती है।

  • क्यों है जरूरी: दांतों और हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए कैल्शियम अनिवार्य है।

  • स्रोत: डेयरी उत्पाद, रागी, सोयाबीन और हरी पत्तेदार सब्जियां।


4. विटामिन C और E: इम्यूनिटी और रिपेयरिंग के उस्ताद

  • विटामिन C: यह एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर की मरम्मत (Tissue Repair) करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। खट्टे फल जैसे संतरा, कीवी और ब्रोकली इसके बेहतरीन स्रोत हैं।

  • विटामिन E: यह कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है और त्वचा के साथ-साथ आंखों की रोशनी के लिए भी फायदेमंद है। यह नट्स और बीजों में प्रचुर मात्रा में मिलता है।

5. विटामिन K: रक्त का थक्का और मजबूत जोड़

अक्सर लोग विटामिन K को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह रक्त के थक्के जमने (Blood Clotting) और हड्डियों के प्रोटीन के लिए जरूरी है। पालक, केल और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां इसका भंडार हैं।


बुजुर्गों के लिए विशेष टिप्स:

  1. नियमित जांच: 50 के बाद साल में कम से कम एक बार विटामिन प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाएं।

  2. सप्लीमेंट पर सलाह: बिना डॉक्टर की सलाह के हाई-डोज विटामिन की गोलियां न लें, क्योंकि इनका अवशोषण उम्र के साथ बदल जाता है।

  3. सक्रिय जीवनशैली: संतुलित आहार के साथ 30 मिनट की सैर विटामिनों के बेहतर चयापचय (Metabolism) में मदद करती है।

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