नई दिल्ली: चलते-फिरते पैर मुड़ जाना या जिम में वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव (Sprain & Strain) आना एक आम समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोच लगते ही ज्यादातर लोग जो पहला कदम उठाते हैं, वही सबसे बड़ी गलती साबित होता है? अक्सर लोग मोच वाली जगह पर तुरंत झंडू बाम या मूव लगाकर मालिश शुरू कर देते हैं या गर्म पट्टी बांधकर सिंकाई करते हैं। इंस्टाग्राम पर प्रसिद्ध होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉक्टर निश्चल गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यह तरीका दर्द और सूजन को कम करने के बजाय उसे और ज्यादा बढ़ा सकता है।
क्यों खतरनाक है गर्म सिंकाई?
डॉक्टर के अनुसार, जब मांसपेशियों में अंदरूनी चोट लगती है, तो वहां के ऊतकों (Tissues) में सूजन आने लगती है।
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गर्म सिंकाई के नुकसान: गर्म पानी या हीटिंग पैड का उपयोग करने से उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन और बढ़ जाता है, जिससे सूजन (Swelling) और तेज हो जाती है। हालांकि शुरुआत में थोड़ा आराम महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ ही देर बाद दर्द असहनीय हो जाता है।
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ठंडी सिंकाई के फायदे: बर्फ या आइस पैक से सिंकाई करने पर खून की नसें सिकुड़ती हैं, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव रुकता है और सूजन कम होती है। यह दर्द को सुन्न कर फौरन राहत देता है।
डॉक्टर का बताया ‘RICE’ नियम: इसे हमेशा याद रखें
चोट लगते ही घबराएं नहीं, बस इस जादुई फॉर्मूले को अपनाएं:
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R (Rest – आराम): चोट लगते ही सबसे पहले उस अंग को आराम दें। जबरदस्ती चलने या काम करने की कोशिश न करें, वरना लिगामेंट टियर (Ligament Tear) का खतरा बढ़ सकता है।
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I (Ice – बर्फ): चोट वाली जगह पर हर 2-3 घंटे में 15-20 मिनट के लिए बर्फ से सिंकाई करें। ध्यान रहे, बर्फ को सीधे त्वचा पर न रगड़ें, इसे किसी कपड़े या आइस बैग में लपेटकर इस्तेमाल करें।
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C (Compression – दबाव): सूजन को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित हिस्से पर ‘क्रेप बैंडेज’ (Crepe Bandage) हल्के दबाव के साथ बांधें। ध्यान रहे पट्टी इतनी टाइट न हो कि खून का दौरा ही रुक जाए।
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E (Elevation – ऊंचाई): चोट लगे हुए हाथ या पैर को दिल के स्तर से थोड़ा ऊपर रखें। इसके लिए आप तकिए का सहारा ले सकते हैं। इससे गुरुत्वाकर्षण के कारण सूजन कम करने में मदद मिलती है।
फर्स्ट एड के लिए बेहतरीन विकल्प (Hot & Cold Packs)
बाजार में अब ऐसे जेल पैक उपलब्ध हैं जिन्हें आप जरूरत के हिसाब से फ्रिज में रखकर ठंडा या माइक्रोवेव में गर्म कर सकते हैं। मोच के शुरुआती 48 घंटों में केवल ‘कोल्ड थेरेपी’ का ही उपयोग करें।
| प्रोडक्ट | खासियत |
| Reusable Gel Ice Pack | इसे घुटने, टखने या पीठ पर आसानी से लपेटा जा सकता है। |
| Ankle Foot Ice Wrap | प्लांटर फैसीआइटिस और पैर की मोच के लिए विशेष डिजाइन। |
कब जाएं डॉक्टर के पास?
यदि ‘RICE’ फॉर्मूला अपनाने के 24 घंटे बाद भी दर्द कम न हो, चोट वाली जगह नीली पड़ने लगे या आप उस अंग को बिल्कुल भी हिला न पा रहे हों, तो तुरंत एक्स-रे या डॉक्टर की सलाह लें। यह हड्डी के फ्रैक्चर का संकेत भी हो सकता है।
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