हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी को कैसे करें पूरा? 7 अचूक उपाय

मुंबई। शरीर में थकान, कमजोरी और पीलापन महसूस होना हीमोग्लोबिन की कमी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं एनीमिया (Anemia) यानी खून की कमी से जूझ रही हैं, खासकर 45 वर्ष से अधिक उम्र और प्रेग्नेंसी के दौरान यह समस्या गंभीर हो जाती है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो में उन देसी और प्रभावी तरीकों के बारे में बताया है, जिनसे शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाया जा सकता है।

1. विटामिन-सी युक्त ताजे फल

रुजुता दिवेकर के अनुसार, आयरन के बेहतर अवशोषण (Absorption) के लिए विटामिन-सी अनिवार्य है। वर्तमान में आम का सीजन है, इसलिए हर दिन एक आम जरूर खाएं। इसके अलावा अमरूद (पेरू) भी एक बेहतरीन विकल्प है। ये फल शरीर को विटामिन-सी प्रदान करते हैं, जिससे आयरन बनने की प्रक्रिया तेज होती है और हीमोग्लोबिन मेंटेन रहता है।

2. दालें और फलियां (चावल-रोटी के साथ)

अरहर, मूंग, कुलिठ, चना, उड़द और मटकी जैसी दालें अमीनो एसिड और आयरन से भरपूर होती हैं। रुजुता का कहना है कि सिर्फ दाल खाने के बजाय इन्हें चावल या रोटी के साथ खाएं। यह कॉम्बिनेशन शरीर में आयरन के स्तर को बढ़ाने और हीमोग्लोबिन को सामान्य रखने में मदद करता है।

3. दही, छाछ और लस्सी

अपने नाश्ते या दोपहर के भोजन में दही, छाछ या लस्सी को अनिवार्य रूप से शामिल करें। ये न केवल पाचन में सहायक हैं, बल्कि शरीर में विटामिन B12 को भी बैलेंस करते हैं, जो स्वस्थ रक्त कोशिकाओं (Blood Cells) के निर्माण के लिए जरूरी है।

4. चना-गुड़ का पुराना नुस्खा

आयरन की कमी दूर करने के लिए ‘चना-गुड़’ से बेहतर कुछ नहीं। पुराने समय में लोग इसे नियमित रूप से खाते थे। गुड़ में मौजूद आयरन और चने का प्रोटीन मिलकर हीमोग्लोबिन की कमी को तेजी से पूरा करते हैं।

5. हलीम बीज (Aliv) के लड्डू

हलीम के बीजों को आयरन का पावरहाउस माना जाता है। रुजुता की सलाह है कि रोजाना एक हलीम लड्डू (गुड़ के साथ बना हुआ) खाने से एनीमिया की समस्या से निजात मिल सकती है। यह गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए भी काफी पौष्टिक है।

6. खुबानी (Apricot) और लोहे के बर्तन

हर दिन एक खुबानी खाना आयरन लेवल बढ़ाने में सहायक है। इसके साथ ही, खाना बनाने के तरीके में भी बदलाव जरूरी है। सब्जियां हमेशा लोहे की कढ़ाई में बनाएं और लोहे के तवे व कलछी का इस्तेमाल करें। इससे भोजन में आयरन की मात्रा प्राकृतिक रूप से बढ़ जाती है।

क्या न करें और क्या हैं इसके फायदे?

  • परहेज: ज्यादा ब्लैक कॉफी, सिगरेट, तंबाकू और शराब से बचें। अत्यधिक जूस, स्मूदी या सलाद का सेवन भी कभी-कभी आयरन लेवल पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

  • फायदे: जब शरीर में आयरन की मात्रा सही होती है, तो आपके बाल और त्वचा चमकदार बनते हैं, मूड बेहतर होता है, एनर्जी बनी रहती है और थायरॉयड जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।

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