हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। जैसे ही ब्लड रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ दिखता है, अधिकांश लोग सबसे पहले अपनी डाइट से फैट वाली चीजें हटाना शुरू कर देते हैं। घी और मक्खन के साथ-साथ ‘नारियल की मलाई’ (Coconut Meat) भी अक्सर इस लिस्ट में शामिल होती है। लोगों को लगता है कि मलाईदार होने के कारण यह सीधे उनके कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देगी।
लेकिन क्या वाकई नारियल की मलाई सेहत के लिए इतनी बुरी है? प्रसिद्ध डाइटिशियन श्वेता जे पांचाल के अनुसार, हर फैट वाली चीज दुश्मन नहीं होती। आइए अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में समझते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए नारियल मलाई का सेवन कितना सही है।
फूड वर्सेस ब्लड कोलेस्ट्रॉल: अंतर समझना है जरूरी
डाइटिशियन श्वेता बताती हैं कि हमें दो चीजों के बीच का अंतर समझना चाहिए:
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डाइटरी कोलेस्ट्रॉल: जो हम खाने के जरिए लेते हैं।
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ब्लड कोलेस्ट्रॉल: जो हमारे खून में मौजूद होता है।
हैरानी की बात यह है कि हमारे शरीर का लगभग 80% कोलेस्ट्रॉल हमारा लिवर खुद बनाता है, जबकि भोजन से केवल 20% ही आता है। इसलिए केवल फैट वाली चीजों को बंद कर देना समाधान नहीं है।
खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने के असली कारण
श्वेता पांचाल के अनुसार, नारियल मलाई से ज्यादा खतरनाक वे चीजें हैं जो हम अनजाने में खाते रहते हैं:
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अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड: चिप्स, बिस्कुट और पैकेट बंद स्नैक्स।
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रिफाइंड कार्ब्स: मैदा, व्हाइट ब्रेड और पास्ता।
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शुगर: कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा मीठी चीजें।
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ट्रांस फैट: बाहर का तला-भुना खाना।
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तनाव: लंबे समय तक रहने वाला मानसिक तनाव भी कोलेस्ट्रॉल बिगाड़ सकता है।
नारियल मलाई के फायदे और खाने का सही तरीका
नारियल की मलाई में ‘मीडियम चेन ट्राइग्लिसराइड्स’ (MCTs) होते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। हालांकि, इसमें सैचुरेटेड फैट भी होता है, इसलिए इसे खाने के कुछ नियम हैं:
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मात्रा का ध्यान: इसे कभी-कभी और बहुत कम मात्रा में खाएं।
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रोजाना सेवन से बचें: इसे अपनी डेली डाइट का हिस्सा न बनाएं।
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संतुलन है जरूरी: अगर आप नारियल मलाई खा रहे हैं, तो बाकी डाइट में फाइबर, हरी सब्जियां और फलों की मात्रा बढ़ा दें।
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